बुलंदशहर : वरीशा हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है, 27 जुलाई को गाजियाबाद की साहिबाबाद पुलिस ने ट्राली बैग से एक महिला का शव बरामद किया था. सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों का सहारा लेने के बाद पुलिस द्वारा शव को जिस बुलंदशहर निवासी आमिर की पत्नी वरीशा का शव बताया गया, वो वरीशा न सिर्फ ज़िन्दा है, बल्कि उसने ख़ुद पुलिस से संपर्क कर अपने ज़िन्दा होने की जानकारी दी है.
बड़ा सवाल, किसका था शव
अब सवाल यह उठता है कि फिर आख़िर वो कौन मृतक महिला थी, पुलिस ने जिसे वरीशा का शव समझकर न सिर्फ़ वरीशा के परिजनों को सौंप दिया, बल्कि उसके परिजनों द्वारा शव को सुपुर्द-ए-ख़ाक भी कर दिया. आपको बता दें वरीशा जिसकी हत्या के आरोप में उसका पति, सास और ससुर न सिर्फ जेल गए, बल्कि इसे मृत समझकर एक अज्ञात महिला के शव को सुपुर्द-ए-ख़ाक भी कर दिया गया.
क्या है पूरा मामला ?
दरअस्ल बीते 23 जुलाई को वरीशा रहस्यमय तरीके से घर से लापता हो गई थी, जिसके बाद पति आमिर द्वारा बुलन्दशहर नगर कोतवाली में पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई. बुलंदशहर पुलिस वरीशा की तलाश कर ही रही थी कि 27 जुलाई की सुबह ग़ाज़ियाबाद की साहिबाबाद पुलिस ने एक ट्राली सूटकेस से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया. शव की शिनाख्त के लिए पुलिस ने न सिर्फ सोशल मीडिया का सहारा लिया, बल्कि आस-पास के राज्य और जनपदों में भी पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधा. 24 घण्टे के भीतर ही गाज़ियाबाद पुलिस ने मृतका के शिनाख्त उस वरीशा के रूप में की, जिसकी गुमशुदगी पति आमिर द्वारा 23 जुलाई को बुलन्दशहर में दर्ज कराई गई थी. इसमें गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा वरीशा के भाई और मां को भी मौके पर बुलाया गया, और उस वक्त उनके द्वारा भी मृतका के शव को वरीशा का ही शव बताया गया. गाज़ियाबाद पुलिस ने यह जानकारी बुलन्दशहर पुलिस को दी और बुलंदशहर पुलिस ने वरिशा के परिजनों की तहरीर पर वरीशा के पति (आमिर) समेत वरीशा के सास-ससुर पर दहेज हत्या का मामला दर्ज कर तीनो को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया.
पुलिस थपथपा रही थी पीठ
गाज़ियाबाद और बुलंदशहर पुलिस कतिथ हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजने के बाद अपनी पीठ थपथपा ही रही थी कि इस पूरे मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब बुलंदशहर पुलिस को जानकारी मिली कि जिस वरीशा की हत्या के आरोप में उसके ससुरालीजनों को जेल भेजा गया है, वो वरीशा जिंदा है. बुलंदशहर एसएसपी ने वरीशा से पूछताछ के बाद बताया कि पति की मारपीट से आहत होकर वह 23 जुलाई को घर से अपनी परिचित महिला घर नोएडा चली गई थी. हालांकि वरीशा को ज़िंदा पाने के बाद बुलंदशहर पुलिस उसके भाई द्वारा दर्ज कराए गए दहेज हत्या के मामले से 304 B धारा को हटाकर दहेज उत्पीड़न का मामला चलाने का दावा कर रही है.
वरिशा के ज़िन्दा मिलने के बाद
भले ही बुलन्दशहर पुलिस के अधिकारी वरीशा के ज़िन्दा मिलने के बाद जानकारी न्ययालय के समक्ष पेश करने की बात कर रहे हों. मगर अब गाजियाबाद पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है, कि ट्राली बैग से पुलिस ने जो लाश बरामद की थी, वो लाश किसकी थी ? फिलहाल बुलंदशहर पुलिस द्वारा गाजियाबाद पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है.
अपना उत्तर प्रदेश के लिए बुलंदशहर नीरज शर्मा की रिपोर्ट
