नई दिल्ली : दिल्ली में आप विधायक अमानत उल्लाह अपने व्यव्हार की वजह से हमेशा ही पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ाते रहे है.दिल्ली के ओखला विधानसभा क्षेत्र से विधायक अमानत उल्लाह अब बाल श्रमिकों के अपहरण मामले में फंस चुके है. विधायक पर दिल्ली की एक अदालत ने 15 बाल श्रमिकों के अपहरण के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में आप विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ बुधवार को आरोप तय कर दिए. जिसके बाद अब उनके ऊपर मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है.बता दें कि यह मामला 2010 का है जब एक बुनाई इकाई में काम करने वाले 15 बच्चों को बचाने का प्रयास किया गया था.
इस मामले में अदालत के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने विधायक और एक अन्य आरोपी सैफुल्ला सिद्दिकी के खिलाफ आरोप तय किए.जब यह दोनों अदालत में पेश हुए और अपने को निर्दोष बताया. दोनों पर मामले में अदालत ने अपहरण के लिए उकसाने और आपराधिक तौर पर धमकाने का आरोप तय किया है. जानकारी के मुताबिक इस अपराध में अधिकतम सात साल की कैद हो सकती है.
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अब इस मामले में अदालत ने गवाहों के बयान दर्ज कर सुनवाई शुरू करने के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की है.इसी मामले में पहले एक सत्र अदालत ने खान और सिद्दिकी को आरोपमुक्त कर दिया था लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन दिसंबर को उस फैसले को रद्द कर दिया.यह मामला पुलिस और एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा जामिया नगर के बाटला हाउस से 15 बाल श्रमिकों को बचाने से संबंधित है.अमानत और सिद्दिकी के नेतृत्व में एक भीड़ वहां एकत्र हो गयी और बचाव दल को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी तथा इकट्ठा भीड़ के साथ आरोपी बच्चों को जबरन ले गए.
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अमानत के बारे में बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आप विधायक अमानतुल्ला खान और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन समारोह में हुए विवाद को लेकर मामला दर्ज किया था.अमानत पर आरोप है कि उन्होंने सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ बदसलूकी की.
