मैनपुरी: मुलायम सिंह की लोकसभा सीट रही मैनपुरी (MAINPURI) पर 5 दिसंबर को मतदान है. सपा ने यहां से डिंपल यादव (DIMPLE YADAV) को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसी कड़ी में नेताजी को श्रद्धांजलि और शुभ मुहूर्त के साथ डिंपल यादव ने मिशन मैनपुरी के लिए नामांकन कर दिया. 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी का दावा है कि, मैनपुरी की जनता, डिंपल यादव को ही सौपेंगी मुलायम सिंह की सियासी विरासत ।
डिंपल यादव बोलीं…
नेताजी की सियासी विरासत सहेजने उतरीं डिंपल यादव ने कहा कि, मुझे उम्मीद है कि, मैनपुरी की जनता मुझे भरपूर आशीर्वाद देगी. यहां की जनता समाजवादी पार्टी (SAMAJWADI PARTY) को भरपूर जिताएगी।
अखिलेश यादव का बयान-
डिंपल यादव के नामांकन के बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए अखिलेश यादव ने भी कहा कि, मैनपुरी मुलायम सिंह यादव का गढ़ था और गढ़ रहेगा. हमने सादगी से नामांकन किया है. मुझे पूरा भरोसा है कि, मैनपुरी से ऐतिहासिक जीत मिलेगी, जनता डिंपल को आशीर्वाद देगी ।
धर्मेंद और तेज प्रताप की अहम भूमिका
डिंपल यादव के नामांकन के साथ ही, नेताजी की इस विरासत को सहेजने के लिए सपा ने मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया है…प्रचार के रोडमैप की कमान जहां धर्मेंद्र यादव (DHARMENDRA YADAV) के हाथ में होगी, तो वहीं तेज प्रताप यादव (TEJPRATAP YADAV) सारथी की भूमिका निभाएंगे…अखिलेश यादव खुद मैनपुरी के कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओ, विधायक, MLC, जिला पंचायत और ग्राम प्रधानों से संपर्क करेंगे…वहीं पूरी रणनीति पर नजर रखने के लिए सैफई में कमांड सेंटर रहेगा।
नामांकन में शिवपाल यादव मौजूद रहे
डिंपल यादव के नामांकन के इस मौके पर अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, तेज प्रताप और धर्मेंद्र भी मौजूद रहे…लेकिन सभी की निगाहें शिवपाल यादव को खोजती रहीं…यानि, एकता के तमाम दावों के बीच, परिवार की दरार दिखाई तो दी है…क्योंकि, रामगोपाल यादव खुद कह रहे हैं कि, शिवपाल यादव को यहां होना चाहिए था. सपा की ओर से डिंपल यादव ने तो नामांकन कर दिया…सभी की नजरें अब बीजेपी पर जमी हैं…लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चल रहे चिंतन और मंथन के बीच…तमाम नामों पर कयासों का दौर अभी भी जारी है…।
कमल खिलेगा या बहू को मिलेगी विरासत…?
मैनपुरी का घमासान, बीजेपी और सपा दोनों के लिए बड़ा इम्तिहान है…क्योंकि सपा जहां मुलायम सिंह की सियासी विरासत को बचाने के लिए पूरी तरह मैदान में उतरेगी तो वहीं आजमगढ़ और रामपुर सरीखे गढ़ के रण जीत चुकी बीजेपी…मैनपुरी पर भी कोई कसर नहीं छोड़ेगी…ऐसे में सवाल यही है कि, मैनपुरी में कमल खिलेगा या बहू को मिलेगी विरासत…?
