मैनपुरी: उत्तर प्रदेश की राजनीति के इतिहास को पलट दिया और एक मंच पर 25 साल की दुश्मनी को भूलाकर मायावती और मुलायम सिंह यादव एक मंच पर साथ दिखे. बसपा सुप्रीम मायावती मैनपुरी में मुलायाम सिंह यादव के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंची और वोट की अपील की. मंच पर मायावती और मुलायम को साथ देखकर ऐसा लगा जैसे दोनों दुश्मनी को भूलाकर दोस्ती का नया अध्याय लिखना चाहते हैं.

मायावती ने आगे बढ़कर मुलायम को दिया सहारा
मैनपुरी में रैली के मंच पर जब मुलायम सिंह आए तो कुछ लोग उन्हें सहारा दे रहे थे. लोगों को मुलायम सिंह का हाथ थामे देख मायावती तुरंत अपनी कुर्सी को छोड़कर खड़ी हो गईं और कंधे, हाथ बढ़ाकर मुलायम सिंह यादव को सहारा दिया. मायावती के इस कदम से साफ जाहिर है कि वो 25 साल पहले हुए गेस्ट हाउस कांड को भूला चुकी हैं और मुलायम सिंह यादव ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के साथ नये रिश्ते की शुरुआत करना चाहती हैं.
