इस तरह नाखून काटने से आप भी हो सकते हैं गरीब…

लाइफस्टाइल/हेल्थ होमपेज स्लाइडर

हिंदू धर्म में ऐसे अनेक कार्य माने गए हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी माना जाता है. अगर कोई व्‍यक्‍ति इन नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे जीवन में कष्‍ट झेलने पड़ते हैं. इसके अलावा हिंदू धर्म से संबंधित ऐसे कई नियम भी हैं जिनका वैज्ञानिक कारण भी मौजूद है लेकिन फिर भी लोग उन्‍हें विज्ञान से ज्‍यादा धर्म से जोड़कर देखते हैं. ये नियम और मान्‍यताएं हजारों सालों से चली आ रही हैं. आज हम आपको हिंदू धर्म के कुछ ऐसे ही नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी होता है.

क्‍यों बनाए गए हैं नियम

आप भी सोचते होंगें कि हिूदं धर्म में शास्‍त्रों द्वारा इतने सारे नियम क्‍यों बनाए गए हैं. आपको बता दूं कि ज्‍योतिषशास्‍त्र की रचना मनुष्‍य के लाभ के लिए ही की गई थी. इन नियमों द्वारा मनुष्‍य अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बना सकता है लेकिन अगर कोई इनका पालन नहीं करता है तो उसे अपने कर्मों का फल जरूर मिलता है.

सूर्यास्‍त के बाद नाखून ना काटने का नियम

शास्‍त्रों में इस नियम का उल्‍लेख विशेष रूप से किया गया है. मान्‍यता है कि सूर्यास्‍त के बाद नाखून नहीं काटने चाहिए और ना ही घर के भीतर नाखून काटने चाहिए. इन सब कार्यों को अशुभ माना गया है. कहते हैं कि जो भी व्‍यक्‍ति ऐसा करता है तो उसे अपने जीवन में आर्थिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. मान्‍यता है कि सूर्यास्‍त के बाद नाखून काटने से मां लक्ष्‍मी नाराज़ होती हैं और उस व्‍यक्‍ति को दरिद्र बना देती हैं.

सूर्यास्‍त के बाद क्‍यों नहीं काटने चाहिए नाखून

ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार सूर्यास्‍त के बाद नाखून काटना अशुभ माना गया है. ऐसा करने से घर में नकारात्‍मकता फैलती है और मां लक्ष्‍मी आपसे रूष्‍ट भी हो सकती हैं. इस नियम का संबंध स्‍वच्‍छता से भी है. घर के बाहर ही नाखून काटना उचित माना गया है. घर में नाखून काटने से वो इधर-उधर फैल सकते हैं और आपके खाने में भी गिर सकते हैं जोकि आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाएगा.

प्राचीन समय में दिन में काटते थे नाखून

नाखून काटने का ये नियम आज का नहीं है बल्कि कई सालों पुराना है. प्राचीन समय में लोगों के घरों में बिजली नहीं हुआ करती थी और इसलिए वो घर से बाहर आकर सूर्य की रोशनी में नाखून काटा करते थे.

ज्‍योतिषशास्‍त्र में मनुष्‍य के सुखी और समृद्ध जीवन के लिए कई और नियम भी बनाए गए हैं. अगर आप इन नियमों के बारे में जान लें तो आपके जीवन की सारी परेशानियां दूर हो सकती हैं. तो चलिए जानते हैं कि शास्‍त्रों द्वारा बनाए गए वो कौन-से नियम हैं जो आपके जीवन को सुख और समृद्धि से भर सकते हैं.

सोने का समय

सूर्यास्‍त या शाम के समय सोना अशुभ माना जाता है. ये समय ईश्‍वर की उपासना और भक्‍ति के लिए श्रेष्‍ठ होता है और शास्‍त्रों के अनुसार किसी भी स्‍वस्‍थ व्‍यक्‍ति को सूर्यास्‍त के समय सोना नहीं चाहिए. ऐसा करने वाला व्‍यक्‍ति दरिद्र, रोगी और सुस्‍त बनता है. इस नियम के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है जिसके अनुसार शाम के समय सोने से शरीर में फुर्ती नहीं रहती है और शरीर बीमारियों का घर बन जाता है.

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *