आज से नवरात्रि की शुरूआत हो चुकी है. हर जगह मां दुर्गा की पूजा-अराधना हो रही है. माता के जयकारे सभी मंदिरों और घरों में गूंज रहे हैं. नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है. माता के भक्त नवरात्रि में नौ दिन व्रत रखते हैं. तो वहीं कुछ लोग नवरात्रि के पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं. नवरात्रि के उपवास में कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है.
भले ही हम कोई भी व्रत धार्मिक, आध्यात्मिक या सांस्कृतिक वजहों से करते हैं लेकिन यह बात भी सही है कि यह सेहत के लिए भी कई मायनों में फायदेमंद है लेकिन यदि व्रत के दौरान आप सही नियमों का पालन ना करें और अनहेल्दी नियमों का अनुशरण करने लगें तो यह आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकती है. सही तरीके से व्रत नहीं किया गया तो यह डायबीटीज या किसी अन्य बीमारियों से भी घेर सकती है, जानिए आपको किन बातों का खयाल रखना चाहिए.
डायबीटीज है तो रहें सतर्क
अगर मरीज की उम्र 60 साल से कम है या वह दवा पर है और उसे किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है तो डॉक्टर व्रत की इजाजत दे देते हैं लेकिन मरीज की उम्र 60 साल से ज्यादा है या वह इंसुलिन या कई दवाओं का सेवन करता है तो उसे व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए. डायबीटीज़ के मरीजों को 2-3 घंटे के अंतराल पर जरूर खाना चाहिए. पनीर, दही, छाछ, नारियल पानी के अलावा सेब, पपीता, जामुन, खीरा आदि भोजन में शामिल करें. कुट्टू या सिंघाड़े की पूड़ी या पकौड़े के बजाय परांठे खा सकते हैं.
व्रत के दौरान भोजन में इन चीजों को करें शामिल
हर 3-4 घंटे में दूध, छाछ, दही या फल आदि लें. लंबे समय तक भूखे रहने से बचें. व्रत के दौरान सीजनल सब्जियां खाएं, आलू के मुकाबले कद्दू, सीताफल ज्यादा खाएं, खूब फल खाएं, जूस के बजाय साबुत फल खाएं, ताजा जूस पी सकते हैं, दूध, दही, पनीर जैसे डेयरी प्रॉडक्ट्स ज्यादा मात्रा में लें, एक मुट्ठी ड्राई फ्रूट्स और मूंगफली खाएं, तेल का इस्तेमाल कम करें. स्वाद के लिए तेल या मक्खन के बजाय दही का इस्तेमाल कर सकते हैं. बहुत ज्यादा स्टार्च वाली चीजें जैसे आलू, शकरकंद, साबूदाना आदि से बचें और मिठाई या तली-भुनी चीजें न खाएं. दिन भर में 8-10 गिलास पानी और तरल चीजें लें.
व्रत रखने से क्या है फायदा
व्रत रखने से शरीर में ऐसे हॉर्मोन बनते हैं जो फैटी टिश्यूज़ को तोड़ने में मदद करते हैं, यानी आपका वजन कम हो सकता है. इससे शरीर से टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं लेकिन सिर्फ तभी जब आप व्रत के दौरान फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा करें. आयुर्वेद के अनुसार, व्रत रखने से शरीर में जठराग्नि यानी डाइजेस्टिव फायर बढ़ती है. इससे पाचन बेहतर होता है. इससे गैस की समस्या भी दूर होती है. व्रत हमारे शरीर को हल्का रखता है और हल्के शरीर से मन और दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है.
व्रत से होने वाले नुकसान
लंबे समय तक बिना कुछ खाए-पीए रहने से इम्यून सिस्टम को नुकसान हो सकता है. ऐसा करने पर लिवर और किडनी को भी नुकसान हो सकता है. व्रत के दौरान बहुत कम खाना खाने से पेट में ऐसिड बनना कम हो सकता है. बता दें कि यही ऐसिड खाना पचाने और बुरे बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है.
व्रत के लिए क्या है सही उम्र
15 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को व्रत नहीं रखना चाहिए. छोटे बच्चों में मेटाबॉलिक रेट काफी ज्यादा होता है और बुजुर्गों में काफी कम. ऐसे में सही समय में खाना न खाने से इन्हें हाइपोग्लाइसिमिक अटैक हो सकता है.
