नई दिल्ली : राम मंदिर मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को 10 जनवरी को टाल दिया है. आज हुई सुनवाई के दौरान तीन जजों की पीठ ने कहा कि 10 जनवरी को ही अयोध्या में राम मंदिर मामले की सुनवाई होगी. पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई रोजाना होगी या नहीं इसका फैसला भी उसी दिन होगा. तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि राम मंदिर मामले पर एक नई बेंच का गठन किय़ा जाएगा, वही मामले की सुनवाई करेगा.
इसलिए तय की गई थी 4 जनवरी की तारीख
दरअसल, इस मामले के दोनों पक्षकार इस विवाद के हल के लिए रोजाना सुनवाई की मांग कर रहे हैं. इसी मांग पर बीते 29 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि, जनवरी के पहले सप्ताह में इस पर सुनवाई की जाएगी. और तभी बेंच और रोजोना सुनवाई पर कोई निर्णय लिया जाएगा.
आज किस मुद्दे पर है सुनवाई

राजनीतिक-सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील रामजन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद का ये मामला मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई और एस के कौल की पीठ के सामने सूचीबद्ध है. यही पीठ इस मामले में तीन या पांच जजों की नई पीठ गठित करने और ना करने पर निर्णय लेगी. इससे पहले तत्कालीन मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा इस मामले को पांच जजों की पीठ को भेजने से इंकार कर चुके हैं. इस मसले पर जल्द सुनवाई होगी या नहीं इस पर भी आज निर्णय हो सकता है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई के लिए हिंदू महासभा की अपील को खारिज कर चुकी है. अब इस मामले में जो भी पीठ गठित होगी वही इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के आदेश के बाद दायर करीब 14 अपीलों पर सुनवाई करेगी. बता दें कि, सितंबर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस विवाद में 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच एक समान रुप से जमीन को तीन हिस्सों में बंटवारा करने का आदेश दिया था.
राममंदिर पर नई रार
दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत, वीएचपी, साधु-संत जहां सरकार पर अध्यादेश और कानून लाकर मंदिर निर्माण का दवाब बना रहे हैं वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में साफ कह दिया कि, कोर्ट के फैसले से पहले सरकार इस मसले पर कोई अध्यादेश नहीं लाएगी. उनके बयान के बाद से बीजेपी के सहयोगी संगठन थोड़े नाराज दिख रहे हैं.
